तुम्हारी हिम्मत

छोटू

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Friday, September 9, 2016

❥ ❥ जिन्दगी की दौड़ ❥ ❥

जिन्दगी की दौड़ में,
तजुर्बा कच्चा ही रह गया
हम सीख न पाये 'फरेब'
और दिल बच्चा ही रह गया !
बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे,

जहां चाहा रो लेते थे...!
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए
और आंसुओ को तन्हाई !
हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज़ से
देखा है आज खुद को कुछ पुरानी तस्वीरों में !
चलो मुस्कुराने की वजह ढूंढते हैं
जिन्दगी तुम हमें ढूंढो
हम तुम्हे ढूंढते हैं..!!

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